बजट सत्रः CM का विपक्ष पर निशाना – दबंगई नहीं चलेगी, हो गया है सूर्यास्त, BJP का वॉक आउट, सदन स्थगित

राज्य ब्यूरो , आरिफ कुरैशी।

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई. आज की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्न काल से हुई. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी सभा पटल पर रखा.

hjgvbjhb

28 फरवरी को तृतीय अनुपूरक पर वाद-विवाद, मतदान के बाद विनियोग विधेयक को टेबल किया जाएगा. इसके बाद 2 मार्च तक के लिए सत्र की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी, क्योंकि शनिवार और रविवार पड़ रहा है. 3 मार्च को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सदन में बजट पेश करेंगे.

द्वतीय पाली में राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार जात-धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लिए संकल्पित है. इस बीच विपक्ष ने बालू के मसले पर जवाब देने के लिए हंगामा किया. इस पर सीएम ने कहा कि अब दंबगई नहीं चलेगी, सूर्यास्त हो गया है. आगे आपकी मुसीबत बढ़ेगी. विपक्ष को निक्कमा बताए जाने पर भाजपा विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया.

स्वास्थ्य पर अफवाहों का जवाब
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने स्वास्थ्य को लेकर उड़ रही अफवाहों पर कहा कि यह षडयंत्र के तहत फैलाया जा रहा है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने विपक्ष के षड्यंत्र के बावजूद कई महत्वपूर्ण काम किए हैं.

उन्होंने कहा कि रिम्स के पुन:र्जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने कदम उठाया है और झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां जनता के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था है. उनकी सरकार जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लिए संकल्पित है.

केंद्र की भेदभावपूर्ण नीति
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव करती है. बजट में गुजरात को 30 प्रतिशत दिया जाता है, जबकि झारखंड को मात्र 20-30 करोड़ दिया जाता है. इसके बावजूद हम घबराने वाले नहीं हैं. विपक्ष को निकम्मा बताया और कहा कि वे चतुर चालाक हैं और भेड़िये की छाल में ओढ़े हुए हैं.

हमलोग काम करने में विश्वास करते हैं
सीएम ने कहा कि हमलोग बोलने में नहीं काम करने में विश्वास करते हैं. अभी तो शुरूआत है. इन्हें अगले पांच साल तक विपक्ष में रहना है. विपक्ष के हर बॉल पर चौका नहीं छक्का लगेगा. इनके षडयंत्र के बावजूद हमने इतना काम किया है. जिसका नतीजा इनको आया है. यही वजह है कि आज ये वहीं है, जबकि दो तीन पत्ता झड़ चुका है.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *